१)ऐसी सामाजिक व्यवस्था जो सामूहिक लक्ष्यों का पीछा करती है और अपने प्रदर्शन को नियंत्रित करती है तथा जिसकी सीमा इसे अपने पर्यावरण से अलग करती है उसे हम संगठन कहते है।
sole trade organisation
sole trade organisation
1)एक व्यक्ति स्वामित्व (मतलब की सिर्फ एक आदमी का अधिकार होता है)
२ )स्वामित्व और प्रबंधन का कोई अलगाव नहीं (इसका मतलब ये है भाई की ओनरशिप और मैनेजमेंट एक ही इंसान के पास होती है इस प्रकार के आर्गेनाईजेशन में )
३)कोई अलग इकाई नहीं (मतलब सीधा सा है की इसकी कोई ब्रांच नहीं है ) ४)मालिक को सभी लाभ-व्यक्तिगत जोखिम-असीमित देयता(सारे लॉसेस की जिम्मेदारी केवल आपकी यानि सिर्फ ओनर की जिम्मेदारी होती है )
५)कम कानूनी औपचारिकताओं(यानि की कानूनी कलाकारियां काम उठानी पड़ेगी
फायदा-(क्या होगा आपको इस तरह के आर्गेनाईजेशन में बिज़नेस करने की सोच रहे है तो ) -आसान गठन ( बहुत ही आसानी से आप इस तरह की आर्गेनाईजेशन का हिस्सा अथवा
नियंत्रक बन सकते है ) -प्रत्यक्ष प्रेरणा(बिज़नेस अपना होने की वजह से आप अपना १०० प्रतिशत देंगे ) -पूर्ण नियंत्रण (आपका पूरा कण्ट्रोल होगा अपने बिज़नेस पर ) -त्वरित निर्णय( बिना दूसरे का इंतज़ार किये आप फैसला ले पाएंगे )
-संचालन में लचीलापन (अपने हिसाब से आप हर चीजों के बारे में निर्णय ले पाएंगे
-गुप्त (आपके राज आप तक ही रहेंगे ) -व्यक्तिगत स्पर्श (हर किसी से आप सीधे मिल पाएंगे और राज जान पाएंगे मतलब की आपकी आर्गेनाईजेशन का फीडबैक कैसा है ) - विघटन आसान है(बंद करना और भी आसान है )

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